"नारी सम्मान पर अभिव्यक्ति"

*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर*
*मेरा सम्मान एक दिन...!?*
केवल एक दिन मुझे एन दीजिए सम्मान,
मेरे सौन्दर्य, मेरा त्याग समर्पण,
मेरी सहनशक्ति मेरा आत्मविश्वास ।
मेरा साहस मेरी आस्था मेरी ईमानदारी और मेरा विश्वास।
मेरी सृजनशीलता, मेरा मातृत्व।
क्षमा दान दया मेरा समर्पण,
मेरा आत्मसम्मान और मेरे सर्वस्व समर्पण के गुणों के साथ स्वीकार कीजिए मुझे।  
मुझे दीजिए सदा सम्मान।
मेरा सम्मान का एक दिन न दीजिए मुझे,
दीजिए मेरा अधिकार मुझे।
रोज दीजिए मान मुझे।
बस इतना चाहिए सम्मान मुझे।
दीजिए मेरा अधिकार मुझे।

स्वरचित ✒️©®cma.
डॉ सीमा अवस्थी 'मिनी'
भाटापारा छत्तीसगढ़।

Popular posts from this blog

*जन्माष्टमी*कान्हा कब तुम आओगे ?दरस को प्यासी तरसे अखियाँ,कब आकर दरस दिखाओगे?कान्हा कब तुम आओगे ? अब धेनु नहीं कानन जाती,अब कहांँ माखन मिश्री दूध मलाई ?मुरली का जादू भी खो रहा,क्या मुरली अधर लगाओगे? कान्हा कब तुम आओगे ? हर कदम पर दुशासन दुर्योधन ,राह में शीश उठाते हैं।चीर हरण करने को आतुर,एक पल भी न घबराते हैं । शिशुपाल का वध करने को, क्या सुदर्शन चक्र चलाओगे?कान्हा कब तुम आओगे? घर घर हैं धृतराष्ट्र गांधारी,पुत्र प्रेम या सत्ता सुख हो,अनाचार की चलती आरी , क्या दंभी को सद्गमार्ग दिखाओगे?कान्हा कब तुम आओगे ?समाज हो रहा पथ भ्रमित, मानवता पर प्रपंची घेरा,गीता का ज्ञान सुनाकर,क्या कर्तव्य पथ समझाओगे?कान्हा अब तुम आओगे?अजब बात थी त्रेता द्वापर ,अब कलयुग के चंगुल का फेराकलयुग का त्रास मिटानेक्या कल्कि रूप में आओगे?कान्हा कब तुम आओगे?दरस को प्यासी तरसे अखियाँकब आ के दरस दिखाओगे?कान्हा तुम कब आओगे?✍️ डॉ सीमा अवस्थी 'मिनी' भाटापारा छत्तीसगढ़।*श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं और बधाई*....🙏

गीतिका